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हिलकोर

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अपन पोता लेल बेहाल रहल राम पण्डित काकाके पोताके उपनयनमे कृष्णाके जेबाक बात सुनिकऽ खौंझा जाइ छै । ओ फेर सऽ कृष्णा पर पोता नइ दऽ सकल बातके लऽ कऽ व्यङ्य करै छै । कृष्णा सब दिन जकाँ रामके बात टारि दै छै । राम अपनो घरमे पोताक आगमन पर खुशी मनेबाक इच्छा देखबै छै । जयराम नशामे धुत्त भऽ घर अबै छै । खाना नइ बनल बात पर सम्तोलीयासँ जयरामके झगडा होइ छै । दुनु मे खुब बाताबाती होइ छै आ जयराम अपन मोनके बात सम्तोलीया लङ जाहिर करै छै जे ओकरा सम्तोलीयाके चरित्र पर विश्वास नइ छै । दुनुमे बहस होइ छै आ जयराम सम्तोलीयाे थप्पर सेहो लगा दै छै । इम्हर अपन प्रेम प्रस्तावके जबाब ताकि रहल गौतम शिल्पाके रस्ता रोकि लै छै । स्कुल जा रहल शिल्पाके बीच रस्तामे रोकि कऽ गौतम अपन प्रेमपत्रके जबाब मँगै छै । ओ चिठ्ठी गौतम पठेने छलै से बात सुनिकऽ शिल्पा हैरान रहि जाइ छै । ओ गौतमके प्रेम प्रस्तावके अस्विकार करैत आइन्दा सऽ एहन काज नइ करऽ लेल कहै छै । इम्हर मनोहर गौतम आ शिल्पाके रस्ता पर ठार भऽ कऽ बतियाइ देख लै छै । ओ शिल्पाके डँटै छै आ काशिरामके सब बात कहि देबऽके डर देखबै छै । मनोहर किया शिल्पाके बारेमे गलत सोचै छै ? की मनोहरके सोच जे शिल्पा बिगैर रहल छै से सच छै ? रामके पोताके जिद कृष्णा कहिया तक टारि सकतै ? की कृष्णा रामके जिदके आगा हारि जेतै ? इम्हर रहिमके विदेश जाएके बात कत्त तक पहुँचलै ? रहिमके परिवारक लोकके रहिमके विदेश जाएके बात मालुम परतै तऽ ओ सब की कहतै ? खुश हेतै या दुःखी हेतै ? सुनु हिलकोरक नव अङ्कमे ।

Hilkor Episode-010

सियाबती जयरामके सम्तोलीया आ उदगारके विरुद्ध भड्कबै छै । सियाबतीके बात सबसँ जयराम परेशान भऽ गेल छै । सियाबती इहो कहै छै जे सम्तोलीया घरपरिवारके इज्जत बर्बाद कऽ रहल छै । ताबितेमे सम्तोलीया आ उदगार बजारसँ सँगसँगे सियाबतीके दोकान पर अबै छै । सियाबती आ जयरामके दुनुके सँगे एनाइ नइ नीक लगै छै । रहिम घर आबऽमे बहुत देर कऽ दै छै । करिमा रहिमके देरी भेलाक कारण चिन्तित रहै छै । रहिम बाहरेसऽ खाना खा कऽ देर राति घर अबै छै । ओकर हाथमे किछु कागज सब सेहो रहै छै । करिमाके पुछला पर कहै छै जे जनार्दनसँगे छलै । करिमा रहिमसऽ पुछै छै जे आइकाइल्ह ओ किया जनार्दनसँगे बेसी घुमै छै । ओ रहिमके हाथमे रहल कागजसबके बारेमे सेहो पुछै छै । रहिम स्पष्ट जबाब नइ दै छै । अञ्जनी रामके पोताके जिद छोरि देबऽ लेल कहै छै । लेकीन राम उल्टे अञ्जनीके समझाबऽ लगै छै जे एक टा पोता भेनाइ कतेक जरुरी छै । अञ्जनी रामके कृष्णा पर पोता लेल बेसी दबाब नइ देबऽ लेल कहै छै । लेकीन राम उल्टे अञ्जनीके कहै छै जे ओ झलकके बियाह जल्दी सऽ कऽ दौक । कियाकी अञ्जनीके कोनो बेटा नइ छै । तें ओकरा पोता नइ भऽ सकैय आ ओकरा नातीए पर मोन बुझाबऽ परतै । की राम ठिक कऽ रहल छै । ओकरा अञ्जनीके एहन जबाब देबऽके चाही ? की जयराम अपन कनियाँ सम्तोलीया आ साथी उदगार पर शंका करऽ लागल छै ? सम्तोलीया आ उदगारके बीचमे सचमे कोनो सम्बन्ध छै वा ई सियाबतीके मोनके भ्रम छै ? शिल्पासँगे आगा की होबऽ बला छै ? शिल्पाके जिन्दगी काशिराम, शशिकला आ गौतम सबके कारण कत्त जेतै ? सुनु हिलकोरक नव अङ्कमे ।

Hilkor Episode-009

रहिम अपन अम्मी रुकैयासँगे गामके मील पर आएल छै । ओत्त ओ जनार्दनके देखै छै । जनार्दनसँ ओ विदेश जाए बला बात की भेलै कहिकऽ पुछै छै । जनार्दन कहै छै जे सब किछु भऽ गेल छै । सब कागज बनि गेल छै । आब जल्दिए रहिम विदेश जेतै । काशिराम अखनो शिल्पा पर पिताले रहै छै । शशिकला काशिरामके समझबै छै जे शिल्पाके कोनो दोष नइ छै । ओकरा चिठ्ठीके बारेमे किछु नइ बुझल छलै । लेकीन काशिराम नइ मानै छै । ओ अपन जिद पर अडल रहै छै आ शिल्पाके स्कुल नइ जाए देबऽके अडान दोहरबै छै । इम्हर सम्तोलीया जयरामके किछु व्यापार करऽके सल्लाह दै छै । लेकीन जयराम अपन व्यस्तता देखबैत बात टारि दै छै । जयराम कहै छै जे ओ अखन स्कुल आ माइके दोकान देखऽमे व्यस्त छै । सम्तोलीया उदगारके चर्चा करै छै । ओ उदगार बहुत नीक लोक छै कहिकऽ ओकर तारीफ करै छै । उदगारके प्रशंसा जयरामके ओते नीक नइ लगै छै । उदगार जयरामक सबसँ नीक साथी छै । तैयो कैला ओकरा उदगारके प्रशंसा नइ नीक लगलै ? की रहिमके सपना आब पुरा हेतै ? ओ विदेश जेतै ? झलकके प्रेम ओकर घर परिवार भितर स्विकार भऽ जेतै ? राम आ कृष्णाके बीच कोनो समझदारी भेलै ? सुनु हिलकोरक नव अङ्कमे ।

Hilkor Episode-008

शिल्पा आ सरिता शिल्पा ओहिठाम स्कुलके होमवर्क करैत रहै छै । शिल्पाके बाबु काशिराम अफिससँ घर अबै छै आ शिल्पा आ सरितासँ बतिया लगै छै । शिल्पाके किताबमे गौतमके राखल प्रेमपत्र काशिरामके हाथ लागि जाइ छै । काशिराम शिल्पाके डँटै छै । शिल्पा कहै छै जे ओकरा चिठ्ठीके बारेमे किछु नइ बुझल छै । लेकीन काशिराम शिल्पाके बात नइ पतियाइ छै । ओ शिल्पाके स्कुल जाए सँ मना कऽ दै छै । रधिया आ झलक, अञ्जनी गिरहतके बेटी आम तोरऽ कलम गेल छै । रधिया झलकके कलम घुमबै छै । झलक रधियाके कमजोर स्वास्थ्य पर चिन्ता जनबै छै । रधिया झलकसँ ओकर आगाके योजना आ विवाहके लेल पुछै छै । झलक कहै छै जे ओ जल्दिए विवाह करतै । इम्हर रहिमके अब्बु मुस्तकिम बजार लऽ जाए लेल तरकारी मिलबैत रहै छै । रुकैया मुस्तकिमसँ रहिमके नोकरी लेल बात करै छै । मुस्तकिम कहै छै जे ओ कत्त सऽ रहिमके नोकरी ताकि दौक । रुकैया मुस्तकिमके कहै छै जे ओकरा बेटाके कनिको चिन्ता नइ छै । रुकैयाके बात सुनिकऽ मुस्तकिम पिता जाइ छै । रहिम अपन योजनामे सफल हेतै ? काशिराम शिल्पाके बात पतिएतै ? की सच्चे ओ शिल्पाके स्कुल नइ जाए देतै ? जयराम आ सम्तोलीया बीच सब किछु ठीक छै या सियाबती दुनुमे झगडा लगाबऽ मे सफल भऽ गेलै ? सुनु हिलकोरक नव अङ्कमे ।

Hilkor Episode-007

राम आ कृष्णाके गिरहत अञ्जनी बाबु शहर सऽ फिर्ता अपन गाम नरेनपुर आबि गेल छथि । कृष्णाके मुखपर चिन्ता देखि ओ कृष्णासँ ओकर चिन्ताके कारण पुछै छथीन । कृष्णा गिरहतके कहै छै जे रामके पोता लेल जिदके कारण ओ परेशान छै । ओ रधियाके स्वास्थ्यके बारेमे चर्चा करै छै आ कहै छै जे दू टा गर्भ खसलाके बाद आब रधिया फेरसँ गर्भ राखऽके अवस्थामे नइ छै ।  अञ्जनी कृष्णाके रामसँ बात करबाक आश्वासन दै छै । कृष्णा अञ्जनीसँ पुछै छै जे अहाँके बुझाइय बाबु मानतै । उदगार जयराम ओत्त जयरामसँ भेट करऽ अबै छै । जयराम घरमे नइ रहै छै तऽ उदगार भौजी सम्तोलीयासँगे बात करऽ लगै छै । सम्तोलीया उदगारसँ झलकके बारेमे पुछै छै । झलक सम्तोलीयाके नैहर नरेनपुरके छै आ उदगार ओकरासँ प्रेम करै छै । सम्तोलीया उदगार आ झलकके फोटो देखबाक जिद करै छै । उदगार सम्तोलीयाके झलकके फोटो मोबाइलमे देखाबऽ लगै छै । ताबितेमे जयराम सेहो घर अबै छै । इम्हर अपन स्कुल आ पढाईमे बहुत खुश शिल्पा अपन सखी सबसँग रहै छै । ओकरे क्लासके गौतम ओकरासँ प्रेम करै छै । लेकीन अहि बात सबसँ अन्भिज्ञ शिल्पा अपने दुनियामे छै । गौतम अपन साथी सबके कहला पर शिल्पाके किताबमे प्रेमपत्र राखऽके निर्णय लै छै आ शिल्पाके नाम पर चिठ्ठी लिखै छै । की गौतम सचमे शिल्पाके प्रेमपत्र देतै ? गौतमके एना केनाइ उचित छै की नइ ? शिल्पाके जीवनमे एकर की प्रभाव परतै ? उदगारके प्रेमिका झलक राम आ कृषणाके गाम नरेनपुरके छै । राम, कृष्णा सबसँ झलकके की सम्बन्ध छै ? इम्हर गगनपुरके रहिमके जिन्दगीमे की की भऽ रहल छै ? सुनु हिलकोरक नव अङ्कमे ।

Hilkor Episode-006

जयरामके साथी उदगार जयराम सऽ भेट करऽ ओकर घर आबऽ बला रहै छै । सम्तोलीया भोरे सऽ उदगारके स्वागतके तयारीमे लागल रहै छै । ई बात सियाबतीके बर्दास्त नइ होइ छै । सियाबती सम्तोलीयाके डँटैत कहै छै जे ओकर घरबला जयराम छै, उदगार नइ, जे ओकरा स्वागत लेल सम्तोलीया एतेक व्यस्त छै । रहिम अपन अब्बु मुस्तकिमके बारीमे सहयोग करऽ लेल जाइ तऽ छै लेकीन ओकरा बारीके काजमे मोन नइ लगै छै । मुस्तकिम रहिमके रवैया देख कऽ विचलित होइ छै । ओ रहिमके समझबै छै लेकीन रहिम पिताकऽ ओत्त सऽ चलि जाइ छै । इम्हर राम अपन बेटा कृष्णा आ पुतहु रधियासँ निराश छै । ओ कृष्णा पर पोता लेल दबाब दै छै । लेकीन कृष्णा मना कऽ दै छै । राम कृष्णाके ई अपन अन्तिम इच्छा रहल आ एकरा पुरा कऽ देबऽ लेल कहै छै । लेकीन कृष्णा कहै छै जे ई सम्भव नइ छै । ओ रामके रधियासँगे की भेल रहै से याद करऽ लेल कहै छै । रधियासँगे की भेल रहै ? किया कृष्णा रामके इच्छा पुरा नइ करऽ चाहै छै ? सियाबती किया सम्तोलीया आ उदगार पर शंका करै छै ? जयराम, उदगार आ सम्तोलीया बीचके सम्बन्ध केहन छै ? इम्हर फूलबटियाके शिल्पाके जिन्दगी आगा कुम्हर जाए बला छै ? ओकर बाबु काशिराम की सचमे ओकर विवाह करेतै ? सुनु हिलकोरक नव अङ्कमे ।

Hilkor Episode-005

रुकैया करिमाके कहै छै जे ओकर पोता बहुत कमजोर भऽ गेल छै । करिमा बच्चाके ओकर दुध सऽ पेट नइ भरै छै से कहै छै । रुकैया करिमाके बच्चाके दोसर चिज सब सेहो खुआबऽ लेल कहै छै । करिमा रहिमके नोकरी नइ छै आ पारिवारके अवस्था नाजुक रहल बात कहै छै । रुकैया आ करिमा रहिमके बेरोजगारी आ अपन बारीमे काज नइ करबाक जिदके लऽ कऽ चिन्तित होइ छै । काशिरामके दिमागमे मनोहर बला बात घर कऽ गेल छै । ओ अपन कनियाँ शशिकला लङ सेहो शिल्पाके विवाहके चर्चा करै छै । शशिकला एतबे उमेरमे शिल्पाके विवाहके बात सुनि कऽ पिताइ छै । ओ काशिरामके समझबै छै जे अखन शिल्पाके पढऽ देबक चाही । शशिकला कहै छै जे शिल्पा पढाईमे बहुत नीक छै आ ओ बहुत आगा बढतै । इम्हर अपन सबसँ नीक साथी उदगारसऽ भेट करबाक बाते सोचिकऽ जयराम खुश छै । लेकीन सियाबती उदगारके नाम पर बहुत खुश नइ होबऽ लेल जयरामके कहै छै । जयराम सियाबतीके अहि बातके अर्थ नइ बुझि सकै छै । सियाबती जयरामके कहै छै जे उदगारके नाम सुनिते जयरामके घरबाली सम्तोलीया चम्कऽ लगै छै । सियाबती किया ई बात कहलकै ? जयराम, उदगार आ सम्तोलीयाके बीच केहन सम्बन्ध छै ? रहिम किया अब्बुके तरकारी बारीमे सहयोग नइ करऽ चाहै छै ? अब्बु आ परिवारके दुःख देख कऽ रहिमके सोच बदलतै ? इम्हर नरेनपुरके राम, कृष्णा आ रधियाके जीवनमे की सब चलि रहल छै ? सुनु हिलकोरक नव अङ्कमे ।

Hilkor Episode-004

शिल्पाके देखलाके बाद सँ मनोहरके मोनमे किछु बात खेल रहल छै । ओ शिल्पाके भविष्यके बारेमे काशिरामसँ पुछै छै । दिमागमे शिल्पा पैघ भऽ गेलै आ आब ओकर विवाहके बारेमे सोचक चाही से बात काशिरामके दिमागमे राखऽमे मनोहर सफल होइ छै । राम आ ओकर बेटा कृष्णा अपन घर छारऽमे लागल छै । कडा रौदमे सेहो एक दोसरसँ मजाक करैत दुनु बाप बेटा अपन काज कऽ रहल छै । रामके याद अबै छै जे गिरहत अञ्जनी ओकरा किछु काज अर्हेने छलै । लेकीन कृष्णा कहै छै रधिया, अर्थात कृष्णाके घरबाली आ रामक पुतहु पहिनही गिरहत ओत्त चलि गेलै । रहिम अपने गामके जनार्दनके अपन दुःख आ समस्या सुनबै छै । जनार्दन एजेन्ट छै जे युवासबके वैदेशिक रोजगारी लेल विदेश पठबै छै । ओ रहिमके सेहो भरोस दियबै छै जे रहिम लेल जल्दीए किछु करतै । रहिम आगा की करऽ चाहै छै ? मनोहरके बातके काशिराम पर केहन प्रभाव परल छै ? सियाबतीके दोकान आ घर केना चलि रहल छै ? सुनु हिलकोरक नव अङ्कमे ।

Hilkor Episode-003

हिलकोरक अङ्क १ मे अहाँ सब सुनलौं  पिपहिया बजारमे सियाबती दोकान पर असगरे छै । असगरे काज करैत करैत अकछ भऽ गेल सियाबती बेटा जयराम पर देरी सऽ आबऽ लेल पिताइ छै । जयराम स्कुलमे देरी भऽ गेल बात कहै छै । पुतहु सम्तोलीयाके देखिते सियाबती आरो खिसिया जाइ छै । गगनपुरके रहिम आ करिमा निम्न मध्यम वर्गीय परिवारके छै । करिमा अपन सौहर रहिमके किछु काज करऽ लेल कहै छै । रहिम करिमाके बात टारि दै छै । ओ कहै छै जे नोकरी ताकि रहल छै । लेकीन ओकरा नोकरी नइ भेट रहल छै । इम्हर फूलबटिया गामके काशिराम आ मनोहर गामक भविष्यके लऽ कऽ चिन्तित छै । गाममें सऽ युवा सबके पलायन दुनुके विचलित केने छै । मन्दिर पर भऽ रहल किर्तनमे मनोहर काशिरामके बेटी शिल्पाके देखै छै आ अवाक रहि जाइ छै । मनोहर शिल्पाके देख कऽ किया अवाक भेल छै ? सम्तोलीया पर सियाबतीके खीस स्वभाविक छै या बात किछु आउर छै ? सुनु हिलकोरक नव अङ्कमे । अहि सँगे नरेनपुर गामक राम आ ओकर बेटा कृष्णासँ सेहो परिचित होउ ।

Hilkor Episode-002

पिपहिया बजारके बिचों बीच सियाबती एकटा किराना दोकान चलबै छै । घर आ दोकानके नीक सँ चला रहल सियाबती, बेटा जयराम आ पुतहु सम्तोलीयाके पूर्ण रुपसँ अपन शाषणमे रखने छै । अहि उमेरमे सेहो ओ घरके खर्चापानी जे उठेने छै । गगनपुरके रहिम अपन बिबी करिमा आ तीन चार महिनाके बेटाके बहुत प्रेम करै छै । अब्बु, अम्मी, बहीन आ परिवारके लेल सुन्दर सुन्दर सपना देखऽ बला रहिम कोनो हालतमे अपन सपना सब पुरा करऽ चाहै छै । मनोहर आ काशिरामके मित्रता सौंसे फूलबटिया गाममे प्रसिद्ध छै । गाम, गामक लोक आ गामके परिवेशसँ बहुत नजदिक रहल दुनु मिता अपन ग्रामिण जीवन शैली आ संस्कृतिसँ बहुत प्रेम करै छै । जयराम, सियाबती, रहिम, काशिराम आ मनोहरके जीवनके बारेमे बुझऽ चाहै छी तऽ सुनु नाटक हिलकोर । आ हँ, एकटा बात आरो... ई सँगे नरेनपुर नामक गाम सेहो छै, नाटक हिलकोरमे । नरेनपुरमे के सब रहै छै आ ओइ गामक लोकके जीवनशैली बुझऽ लेल रस्ता देखु धारावााहिक रेडियो नाटक हिलकोरके अङ्क २ के ।

Hilkor Episode-001

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